तद्नुसार विचारण न्यायालय द्वारा संशोधन प्रार्थनापत्र स्वीकार करने में तथ्यों एवं विधि की भूल की है।
4.
इस प्रकार से संशोधन प्रार्थनापत्र निसन्देह विधि-विरूद्ध होने के कारण निम्न न्यायालय द्वारा संशोधन प्रार्थनापत्र स्वीकार करने में तथ्यों एवं विधि की भूल की है।
5.
अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्ता ने दौरान बहस यह तर्क दिया कि विचारण न्यायालय द्वारा प्रतिउत्तरदातागण का विवादित भूमि पर कब्जा पाने में तथ्यों एवं विधि की भूल की है।
6.
जबकि विचारण न्यायालय द्वारा वादी का प्रश्नगत दुकान में कब्जा न पाते हुए वादबिन्दु सं0-1 को नकारात्मक रूप से निर्णीत करने में तथ्यों एवं विधि की भूल की है।
7.
इसलिए स्थाई निषेधाज्ञा के वाद में धारा-257 का नोटिस दिया जाना भी आवश्यक नहीं था और इस प्रकार से विचारण न्यायालय द्वारा पारित निर्णय दिनांकः8-8-2007 में वादी का वाद निरस्त करने में तथ्यों एवं विधि की भूल की है।
8.
मामले में निगरानीकर्ता ने अपने ऊपर आयी चोटों का मेडिकल भी पत्रावली पर संलग्न किया है जिस पर निगरानीकर्ता पर तीन चोटें आना स्पष्ट दर्शित किया गया है लेकिन अवर न्यायालय द्वारा उक्त आदेश पारित कर विधि की भूल की है।
9.
साथ ही वादपत्र के पैरा-1 में वादी शब्द के बाद ऑनर के बाद होल्डर ऑफ पॉवर ऑफ अटार्नी को काटने से बावत भी कोई संशोधन नहीं चाहा गया है और इस प्रकार से संशोधन प्रार्थनापत्र न्यायालय द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकता, जिसे स्वीकार करने में निम्न न्यायालय द्वारा विधि की भूल की गई है।
10.
अभियुक्त / अपीलार्थीगण के विद्वान अधिवक्ता ने दौरान बहस यह भी तर्क दिया कि अधिनस्थ न्यायालय द्वारा अभियुक्त/अपीलार्थीगण को धारा-26 भारतीय वन अधिनियम में दोषी पाते हुए पांच-पांच माह के सश्रम कारावास तथा. 3. मुव0-300-300/-रू0 अर्थदण्ड से दण्डित किए जाने में तथ्यों एवं विधि की भूल की है और साक्ष्य की अनदेखी कर मनमाना एवं निरंकुश दण्डादेश पारित किया गया है तथा अधिनस्थ न्यायालय द्वारा तथा-कथित बरामदगी के संबध में भ्रामक बयानों पर कोई निष्कर्ष या विवेचन निकाले बिना अभियुक्त/अपीलार्थीगण को दण्डित करने में विधि एवं तथ्यों की अनदेखी की है।